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इस स्कूल में बच्चो को नहीं उनकी मम्मी, नानी को मिलता एडमिशन

India first old age school in maharashtra

जब जागो तभी सवेरा जी हां यह  कहावत सही है यह कहावत महाराष्ट्र में सही होते साबित हो रही यहां पर दादी नानी और अम्मा वह कारनामा कर रही है जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता कहते हैं लिखने पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती क्योंकि शिक्षा एक ऐसी चीज है जो कोई कभी भी ले सकता है और इस बात को सिद्ध किया है महिलाओं ने

महाराष्ट्र की महिलाओं ने जहां पर मुंबई के ठाणे के फंगाने गांव में एक स्कूल स्कूल अपने आप में ही एक खासियत रखता है क्योंकि वहां पर बच्चों को एडमिशन नहीं दिया जाता जी हां उस स्कूल में बच्चों को एडमिशन नहीं दिया जाता बल्कि बच्चों की मम्मी दादी नानी को एडमिशन दिया जाता है जिन महिलाओं की उम्र 60  साल या फिर उससे ऊपर है उन्हें महिलाओं को आजीबाईची शाला स्कूल. में एडमिशन दिया जाता है इस स्कूल की एक खासियत यह खासियत इस स्कूल को सभी स्कूलों से अलग बना रही है इस स्कूल में महिलाओं को कई सुविधा भी मुहैया कराई जाती है

India first old age school in maharashtraफंगाने गांव में चल रहा आजीबाईची शाला स्कूल को मोती राम दयाल चेरिटेबल ट्रस्ट चला रहा है और इस स्कूल की शुरुआत की है योगेंद्र बागड़े ने जिन्होंने महिलाओं कि अनपढ़ता को खत्म करने के लिए उन्हें एक समाज में सम्मान दिलाने के लिए से स्कूल की स्थापना की और इन महिलाओं को शिक्षा दे रहे हैं यह स्कूल सबसे अलग इसलिए है क्योंकि इस स्कूल में सिर्फ उन्हीं महिलाओं का एडमिशन दिया जाता है जिनकी उम्र कम से कम 60  वर्ष या फिर उससे अधिक हो

India first old age school in maharashtra

इसी स्कूल में आपको केवल दादी मम्मी लानी या पर दादी और ही पड़ती ही नजर आएंगे इस स्कूल की ड्रेस पोशाक भी है जिन्हें पहनकर हमारी दादी नानी स्कूल में जाती हाथों में किताबें कंधे पर बेग टांगे जाती है यह नजारा वाकई आश्चर्यचकित करने वाला भी होता है और साथ ही देश को इस स्कूल से एक प्रेरणा भी मिलती है कि

India first old age school in maharashtra

लिखने पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती जब भी हम अपने मन में लिखने और पढ़ने की उमंग हो तो  फिर हमें कोई भी शिक्षा लेने से नहीं रोक सकता आजीबाईची शाला स्कूल की एक ड्रेस कोड भी है जहां पर महिलाएं गुलाबी साड़ी पहनकर कंधे पर स्कूल बैग टांगे घर से निकलती है और स्कूल में जाती है इस स्कूल में मोतीराम चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से महिलाओं को चौक पेंसिल प्लेट स्कूल बैग गुलाबी साड़ी ट्रस्ट की ओर से मुफ्त दी जाती है. 

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