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इस तरह से शनिदेव देते हैं आने वाले बुरे दिनों का संकेत, जानकर बचाव करें जीवन में बुरा होने से :o

शनिदेव के बारे में अक्सर लोगों को यह गलतफहमी बनी रहती है कि यह किसी का भला नहीं करते हैं। इनका काम हर समय लोगों को सिर्फ परेशान करना है, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। शनिदेव न्याय के देवता हैं। यह लोगों को उनके कर्मों के आधार पर फल देते हैं। जो व्यक्ति जीवन में अच्छे कर्म करता है, उसके ऊपर शनिदेव की कृपादृष्टि बनी रहती है। उसका शनिदेव कभी भी बुरा नहीं करते हैं।

बुरे कर्मों की सजा भुगतनी पड़ती है यहीं:

इसके उलट जो लोग जीवन में सिर्फ पाप कर्म करते हैं, उनके लिए शनिदेव भी बुरे दिनों की शुरुआत करते हैं। शनिदेव को ऐसे लोग बिलकुल भी पसंद नहीं है। इसलिए ऐसे लोगों को बचकर रहना चाहिए। उनके बुरे कर्मों की सजा उन्हें यही भुगतनी पड़ती है। जीवन में कई परेशानियाँ जो उनके ऊपर आती हैं, उसका कारण उनके कर्म ही हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जीवन में कुछ घटनाएँ अगर होती हैं तो शनिदेव आपको बुरे दिनों का संकेत दे रहे हैं।

इंसान के शरीर में उसके पैरों में होता है शनिदेव का वास:

अगर आपके जूते-चप्पल बार-बार चोरी हो रहे हैं तो यह आपके आर्थिक हानि की तरफ इशारा करते हैं, साथ ही इससे यह भी पता चलता है कि आपके ऊपर शानिदोष का साया पड़ने वाला है। ऐसा माना जाता है कि इंसान के शरीर में शनिदेव का वास उसके पैरों में होता है। जब आपकी कुंडली में शनि अशुभ रहता है तो आपके जूते-चप्पल टूट जाते हैं। जब आपके साथ बार-बार ऐसा होने लगे तो समझ जाइये कि शनिदेव आपको बदकिस्मती की तरफ इशारा कर रहे हैं।

शनिवार के दिन चढ़ाएँ शनिदेव के ऊपर तेल:

ऐसा होते ही समझ जाना चाहिए कि जीवन में आपके परेशानी शुरू होने वाली है। अपने कुंडली के शनि को शांत करनें के लिए आपको कुछ विशेष उपायों को करनें की जरुरत होती है। ऐसा ना होने पर परेशानियाँ और बढती ही चली जाती हैं। शनिदेव के बुरे प्रभावों से बचनें के लिए सबसे अच्छा उपाय है, शनिवार के दिन शनिदेव के ऊपर तेल चढ़ाएँ। एक कटोरी में तेल लेकर उसमें अपना चेहरा देखें और फिर उस तेल को किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दे दें।

राहू-केतु पूजा-पाठ से ज्यादा खुश होते हैं दान से:

शानिग्रह से बचनें के लिए कच्ची घानी के सरसों के तेल में अपनी छाया देखकर उसे दान कर देना चाहिए, साथ ही सरसों के तेल से पुरे शरीर की मालिश भी करना अच्छा होता है। ऐसा माना जाता है कि राहू-केतु जप-ताप से ज्यादा दान-दक्षिणा से खुश होते हैं। इनके दोष निवारण के लिए शनिवार के दिन व्रत करें। सुबह के समय पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएँ और शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे शुद्ध देशी घी के दीपक जलाएं। इस दिन काले वस्त्र, काली उड़द, तिल, लोहा, सरसों का तेल और गाय दान करना बहुत ही शुभ होता है।

 

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