in

क्या आपको कंपनी की तरफ से यह फायदे मिलते हैं अगर आप एंप्लॉय हैं तो

employee-benefits-every-company-should-provide

अगर कोई व्यक्ति नई कंपनी जॉइन करता है तो कंपनी का फर्ज़ बनता है कि वह अपने एंप्‍लाई को बहुत सारे बेनिफिट दे जिसका वह हकदार है जब कोई व्यक्ति नया जॉइन करता है तो उसे कंपनी के नियम ठीक तरह से मालूम नहीं होते हैं तो उसका फायदा उठाने के बजाय उसको सभी नियम बताने चाहिए और उसको सारे रूल्स और रेगुलेशन की जानकारी होनी चाहिए आज हम आपको कुछ ऐसे फायदे के बारे में बता रहे हैं जो कंपनी के द्वारा आपको मिलना चाहिए

समय का दबाव नहीं होना चाहिए-:
कोई भी एंप्‍लाई के ऊपर समय का दबाव नहीं डालना चाहिए उसको एक टारगेट दे देना चाहिए कि आपको इतने दिन या इतने समय या इतने घंटों में पूरा करना है इसके बाद उसके ऊपर से अपनी जिम्मेदारी हटा दें उसे निश्चिंत होकर काम करने दे और यह भी नहीं देखे की वह कब आता है और वह कब चाहता है.

रिफरल सिस्टम-:
हर कंपनी में एंप्‍लाई को रिफरल सिस्टम दिया जाना चाहिए अगर एंप्‍लाई अपने दोस्त या किसी को भी रिफर करता है तो यह हायरिंग का सबसे अच्छा स्त्रोत है और इसके लिए एंप्‍लाई के बोनस में भी वृधि करना चाहिए जिससे वह काम के प्रति सचेत रहें यह फायदा आपको आपके एंप्‍लाई को देना बहुत जरूरी है.

सेलरी समान होना चाहिए-:
अगर किसी प्रोजेक्ट के लिए तीन या चार व्यक्ति काम कर रहे हैं तो उनकी सैलरी भी समान होनी चाहिए, सैलरी समान होगी तो उनका काम के प्रति मन लगा रहेगा और एंप्‍लाई के अंदर हींन की भावना भी नहीं रहेगी.

भेदभाव नही होना चाहिए-:
कंपनी के H.R का यह कर्तव्य होना चाहिए कि वह नए व पुराने व्यक्ति के बीच भेदभाव ना रखेंगे अक्सर यह होता है की नए और पुराने व्यक्ति के बीच भेदभाव जरूर आ जाता है H.R को एंप्‍लाई को यह जानकारी देना जरूरी है कंपनी एक पॉलिसी भी सकती है जिसके साथ भेदभाव को अपनी शिकायत दर्ज करवा दें.

मैटरनटी लीव मिलना चाहिए-:
जो भी नया पेरेंट्स बनता है तो कंपनी को उसका सम्मान करना चाहिए और मां को मैटरनटी लीव मिलना चाहिए और वही पिता को भी लीव मिलना चाहिए ताकि वह पैदा हुए बच्चे का ख्याल अच्छे से रख सके.

ओवरटाइम की सीमा होनी चाहिए-:
अधिकतर कंपनी में ऐसा होता है कि ओवरटाइम के नाम पर घंटो तक काम चलता रहता है जब एंप्लॉय नया रहता है तो वह काम करता रहता है लेकिन जब सहनशीलता की हद पार हो जाती है तो आखिरकार नोकरी को छोड़कर चले जाता है इस कारण से कंपनी की छवि पर बुरा असर पड़ता है.

ड्रेस कोड-:
काम करने वाला हर व्यक्ति कोई छोटा बच्चा नहीं होता है वह एक समझदार युवा होता है और उसे सही और गलत का अच्छे से फर्क पता होता है इसलिए कंपनी के एंप्लॉय को ड्रेस कोड में बांधने की जगह आप उसे फॉर्मल पहनने की हिदायत दे सकते हैं.

सेक्‍सुअल हारसमेंट-:
आजकल सभी कंपनी में महिलाएं और लड़कियां काम करती है तो कंपनी का यह फर्ज बनता है कि वह सेक्‍सुअल हारसमेंट एक पाल बनाना चाहिए जिसमें इनसे जुड़ी सभी बातों एंप्लॉय को बताई जाए और एंप्लॉय को इसकी जानकारी होना बहुत आवश्यक है

men also face periods-problem-every-month

महिलाओं को ही नहीं पुरुषों को भी होते हैं पीरियड्स

Financial Tips That Everybody Should Know

अब आपकी सेविंग तो होगी ही और इन्वेस्टमेंट भी मल्टिप्लाई होगा

Loading...