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रणधीर के लिए करियर छोड़ा और बेटियों के करियर के लिए रणधीर!

20 अप्रैल को बबीता कपूर का बर्थडे होता है। इस साल वो 70 साल की हो रही हैं। आज की पीढ़ी बबीता को भले ही करिश्मा कपूर या करीना कपूर ख़ान की मॉम के रूप में या रणधीर कपूर की पत्नी के रूप में या हो सकता है तैमूर की नानी के रूप में भी जानती हो। लेकिन, एक अभिनेत्री के रूप में एक दौर बबीता का भी रहा है।

बबिता का जन्म 20 अप्रैल, 1948 हुआ था। बबीता के पिता अभिनेता हरि शिवदासानी अच्छे प्लेयर थे। हरि शिवदसानी के प्यार में एक फ्रेंच महिला पड़ गई। हरि ने उन्हें शादी कर ली। बबिता के पिता सिंधी थे और मां फ़्रांसिसी। मिक्स ब्रीड होने के कारण बबिता बेहद सुन्दर थी इसलिए फ़िल्में उन्हें आसानी से मिलती गईं। अपने ज़माने की सफल अभिनेत्री साधना उनकी कजन सिस्टर थीं। हरि शिवदसानी ने बाद में अपना स्टूडियो का बिजनस स्टार्ट किया लेकिन यह बिजनस नहीं चला। और मजबूर होकर उन्हें फिल्मों में काम करना पड़ा। यही से बबिता का भी परिचय फिल्मों से हुआ। दरअसल, बबीता के घर निर्माता जीपी सिप्पी का आना-जाना लगा रहता था।

बबिता के पहले हिरो थे राजेश खन्ना

सिप्पी की नजर बबिता पर पड़ते ही उन्होंने बबिता को अपनी फिल्म का ऑफर दे दिया। इस फिल्म का नाम राज था और इसमें उनके नायक थे राजेश खन्ना। राज नहीं चली, लेकिन बबिता की खबसूरती के कारण उन्हें बॉलीवुड में लगातार काम मिलता गया।

मनोज कुमार अभिनीत फिल्म पहचान में बबिता भी थी। इस फिल्म का गाना गंगाराम की समझ में न आए.. काफी पॉपुलर हुआ। फिल्म सुपरहिट हुईं। अभिनय प्रतिभा ना होने के बाद भी खूबसूरती की वजह से बबिता ने अपने समय के सभी बड़े नायकों के साथ काम किया। प्रकाश मेहरा की हसीना मान जाएगी उनकी बेहतरीन फिल्मों में गिनी जाती है।
अपने छोटे-से करियर में बबीता ने ‘हसीना मान जाएगी’, ‘फर्ज’ और ‘किस्मत’, ‘राज’ ‘कल, आज और कल’ जैसी ब्लॉकबस्टर फ़िल्में दी हैं। हालांकि, बबीता का फ़िल्मी करियर बहुत ज़्यादा बड़ा नहीं रहा और उन्होंने अपने छोटे से करियर में सिर्फ 19 फ़िल्में ही की हैं।

शादी के लिए छोड़ा करियर

बबीता हरी शिवदासानी से बबीता कपूर बनने का उनका सफर काफी दिलचस्प रहा है। जैसे ही बबीता को दुनिया जानने लगी और जब उनकी मेहनत का असर दिखने लगा तभी उन्हें प्यार हो गया और प्यार ने जैसे फुल स्टॉप लगा दिया उनके फ़िल्मी करियर पर। माना जाता है। उन्होंने इंडस्ट्री में अपने करियर के चरम पर फ़िल्मी दुनिया को अलविदा कह दिया था, वजह थी रणधीर कपूर से शादी! रणधीर कपूर से शादी करने से पहले बबिता इंडस्ट्री का एक जाना-माना चेहरा बन चुकी थीं, लेकिन शादी के लिए उन्हें फ़िल्मी पर्दे से दूर होना पड़ा।कपूर खानदान की परंपरा के अनुसार उनके परिवार की बहू या बेटी फ़िल्मों में काम नहीं करती। इसलिए रणधीर और बबिता की शादी के लिए कपूर परिवार तैयार नहीं था। अपने प्यार को पाने के लिए बबिता ने फ़िल्म इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला लिया और साल 1971 में राजकपूर के बड़े बेटे रणधीर के साथ सात फेरे ले लिए।

अपनी बेटियों को हिरोइन बनाने के लिए छोड़ा अपने पति का घर

बबीता का कैरियर छोटा लेकिन चमकदार रहा है। अपने जमाने की मशहूर फ़िल्म अभिनेत्री बबीता कपूर के चाहने वाले उन्हें सर आंखों पर बिठाते, उनका हर स्टाइल लोगों को दीवाना बना देता।कपूर खानदान की परंपरा के अनुसार उनके परिवार की बहू या बेटी फ़िल्मों में काम नहीं करती। और ऐसे में बबिता की दोनों बेटियाँ करीना और करिश्मा का करियर उन्हें ख़त्म होता नज़र आया |

इसलिए बबिता ने घर छोड़ने का फैसला किया , आज दोनों बहने एक फैमस एक्ट्रेस है |बबीता और रणधीर कपूर के बीच थोड़ी अन-बन रही और बबीता अपनी दोनों बेटियों करिश्मा और करीना को लेकर अपने पति रणधीर से अलग रहने लगीं। अपने पति से अलग होने के बाद अकेले ही अपने दम पर बबीता ने अपने दोनों बच्चों की परवरिश की। खासकर करिश्मा की परवरिश और उन्हें इंडस्ट्री में स्थापित करने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। गौरतलब है कि अलग होने के बावजूद रणधीर-बबीता ने तलाक नहीं लिया था और कुछ साल पहले से फिर ये दोनों एक साथ रहने लगे हैं।

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