in ,

बाल विवाह होने के बावजूद , उधार पैसो से बना ली विश्व की सबसे बड़ी हर्बल फर्म

Biography of Beauty Expert Shahnaz Hussein

प्रकृति ने सुंदरता को दो भागों में विभक्त किया हुआ है एक आंतरिक सुंदरता और दूसरी बाहरी सुंदरता आंतरिक सुंदरता आपके व्यवहार और सकारात्मक रवैया से प्रदर्शित होती है और बाहरी सुंदरता समय के अनुसार बदलती रहती है प्रकृति ने इस दुनिया में सबसे अदभुत और सुंदर चीज इंसान को बनाया है और उस इंसान को सुंदरता दी कई व्यक्ति सुंदर है तो कई बदसूरत लेकिन हर व्यक्ति अपने अपने अनुसार खुद को सुंदर बनाने के कई प्रयास करता है

जैसा देश वैसा भेष इस कहावत को हम बचपन से सुनते आ रहे हैं जिस देश में हम रहते है वैसा ही भेष धारण कर लेते हैं जैसे हम गांव में जाते हैं तो हम गांव के निवासियों जैसा बर्ताव करने लग जाते हैं और यदि हम शहर में आते हैं तो हम शहर के लोगों जैसा बर्ताव करने लग जाते हैं और वहां पर जिस तरह का फैशन चलता है हमेशा फैशन अपनाते हैं आज के समय में आंतरिक सुंदरता को कोई इतनी अहमियत नहीं देता जितनी की भारी सुंदरता को लोग अहमियत देते हैं.

आज के समय में बाहरी सुंदरता की डिमांड अत्यधिक बढ़ रही है हर व्यक्ति अपने अपने अनुसार अपने शरीर को सुंदर बनाने के कई प्रयास कर रहा है वह अपनी सुंदरता को निखारने के लिए काफी सेंसिटिव हो गया है कुछ समय पहले व्यक्ति अपनी सुंदरता और निखार पर इतना ध्यान नहीं देता था लेकिन आज के प्रतिस्पर्धा की दौड़ में हर कोई सुंदर दिखने के लिए कई प्रयास कर रहा है आंतरिक सुंदरता वो तो सिर्फ हम अपने विचारों से ही सुंदर बना सकते हैं लेकिन भाहरी सुंदरता को संदर्भ प्रसाधनों के प्रयोग से कुछ हद तक सुंदर बना सकते हैं हर व्यक्ति चाहता है कि वह सुंदरता में सबसे अच्छा हो और लोग उसकी तरफ मुड़ मुड़ कर देखें जिसके कारण वह सौंदर्य प्रसाधनों का इस्तेमाल थी करता है

Biography-of-Beauty-Expert-Shahnaz-Hussein

व्यक्ति की सुंदरता ही उसमें आत्मविश्वास को बढ़ाता है लेकिन कई बार व्यक्ति अपनी सुंदरता को निखारने के लिए कई रासायनिक तत्वों का इस्तेमाल करता है जो उसके उसकी सुंदरता के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है व्यक्ति अपने अपनी सुंदरता को निखारने के लिए आयुर्वेदिक सहारा ले सकता है क्योंकि आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों कमाल करने से किसी भी तरह का कोई दुष्परिणाम नहीं होता और आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से शारीरिक सौंदर्य को और भी बेहतर ढंग से निखारने का जिम्मा लिया है फेमस ब्यूटी एक्सपर्ट शहनाज हुसैन ने. 

शहनाज हुसैन ने महिला उद्यमियों में अपना नाम विशिष्ट स्थान पर प्राप्त किया है शहनाज ने अपनी मेहनत लगन और अपने हर्बल प्रोडक्ट के उत्पाद में फैशन के इस प्रतिस्पर्धा की दौड़ में अपना एक विशेष स्थान बनाया है विश्व में शहनाज हुसैन हर्बल प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी सबसे अलग है हर्बल प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों में शहनाज ने अपनी कंपनी का नाम टॉप लिस्ट में शुमार किया है और यह कोई एक या दो दिन की मेहनत नहीं है इस कंपनी को खड़ा करने के लिए शहनाज ने दिन रात एक कर दिया है 1940 में जन्मी शहनाज की रुचि बचपन से ही इस कार्य में थी समय के साथ-साथ शहनाज ने अपने सपनों को एक उड़ान देने लगी 

इसी बीच महज 14 वर्ष की उम्र में ही शहनाज के परिवार ने उनकी सगाई कर दी और 16 साल की बाली उम्र में ही शहनाज की शादी भी कर दी अभी तक शहनाज ने ससुराल का सही मतलब भी नहीं समझा था कि उनपर मां बनने की जिम्मेदारी भी आ गई उन्हें छोटी सी उम्र में ही कई जिम्मेदारियों को संभालना था पत्नी की जिम्मेदारी बहू की जिम्मेदारी और सबसे बड़ी मां की जिम्मेदारी हर पहलुओं पर शहनाज को खरा उतरना था उन्हें हर भूमिका का निर्वहन करना था तमाम परेशानियों को झेलते हुए शहनाज ने सभी जिम्मेदारियों को बखूबी से निभाया साथ ही साथ उन्होंने अपने सपने को न भूलते हुए उन्हें एक कदम आगे भी बढ़ाते गए लेकिन परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अपने सपने को सच करना उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण था लेकिन किस्मत ने उनका साथ दिया और जैसे जैसे वह कदम आगे बढ़ाते गए उनके सामने अपनी मंजिल किस सीडिया आती गई और वह उन सीढ़ियों पर चढ़ते हुए आज उस मकाम पर है जिसके बारे में उन्होंने बचपन में ही कल्पना की हुई थी.

किसी ने भी इस बात की कल्पना नहीं की थी कि 14 साल की उम्र में सगाई होने के बाद 16 साल की उम्र में शादी और कुछ ही सालों में मां बनने के बाद शहनाज आज इन बुलंदियों तक भी पहुंच सकती है जब अपने पति को शहनाज ने अपने सपने के बारे में बताया तो उनके पति में उनका सपना पूरा करने में पूरा सहयोग किया जब शहनाज के पति जब  नौकरी के सिलसिले में इराक चले गए तो शहनाज भी अपने सपनों को नई पहचान देने के लिए लंदन चली गई और वहां पर उन्होंने सौंदर्य-प्रसाधनों का प्रशिक्षण प्रारंभ कर दिया शहनाज ने 10 वर्षों तक आयुर्वेदिक से बने सौंदर्य-प्रसाधनों का पूरा जायजा लिया जिसके लिए वह लंदन पेरिस न्यूयॉर्क में प्रशिक्षण लेने के लिए गई.

विदेश से शहनाज 1977 में भारत लौट कर आई  जहां दिल्ली में उन्होंने अपने ही घर में पिता से 36 हजार रूपये उधार लेकर हर्बल की शुरुआत की शुरुआत से ही शहनाज हुसैन को बहुत अच्छा समर्थन मिलने लगा उपभोक्ताओं की बढ़ती मांग को देखते हुए शहनाज ने कई तरह के विभिन्न उत्पाद बाजार में पेश किया समय के साथ-साथ परिवर्तित जिम्मेदारियां उठाते हुए भी शहनाज अपने सपने की ओर भी बढ़ती गई और निरंतर बस में कामयाबी हासिल कर दी गई जिसके चलते शहनाज हुसैन को राजीव गांधी सद्भावना पुरस्कार और विमेनऑफ द डिकेड अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है साथी विक्की आउटस्टैंडिंग वीमेन ऑफ द ईयर अवार्ड के साथ इमेज इंडिया अवार्ड से भी शहनाज सम्मानित हो चुकी है

समय के साथ-साथ शहनाज के द्वारा उत्पाद किए गए सौंदर्य प्रसाधनों की डिमांड बढ़ने लगी और उनके द्वारा सौंदर्य समस्याओं के अच्छे से समाधान को पसंद किया जाने लगा देश में ही नहीं विदेशों में भी वह प्रसिध्द होने लगी धीरे-धीरे विदेशों में भी शहनाज हुसैन का सिक्का चलने लगा.शहनाज ने चिकित्सा सुंदर चिकित्सा के क्षेत्र में हो हो मेंस वर्ल्ड इंटरनेशनल की स्थापना की. इतना विशाल कारोबार होने के बावजूद शहनाज हुसैन अपने उत्पादों का विज्ञापन नहीं करते शहनाज हुसैन की कंपनी आज के समय में 400 उत्पाद बनाने वाली कंपनी बन गई है जिसने बाजार में अपनी अलग ही पहचान बना कर रखी है.

suicide-reason

क्यों करते है आत्महत्या ?

beautiful-wife-of-politicians

खूबसूरती में नेताओं की बीवियां बॉलीवुड एक्ट्रेस को दिखाती है आइना

Loading...